गांधी जयंती पर देशभर में स्वच्छता का संदेश, तरीघाट पंचायत में दिखी उलटी तस्वीर !

गांधी जयंती पर देशभर में स्वच्छता का संदेश, तरीघाट पंचायत में दिखी उलटी तस्वीर!
जिन सेवा भावी महिलाओं ने गांव को स्वच्छता में प्रदेश स्तर पर दिलाया पहला स्थान, उन्हीं के सफाई अभियान पर पंचायत ने लगाया ताला!

पाटन। गांधी जयंती के अवसर पर जहां देशभर में स्वच्छता अभियान चलाकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के स्वच्छता संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया जा रहा है, वहीं पाटन क्षेत्र के तरीघाट गांव में पंचायत की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। पूर्व सरपंच अशोक साहू का आरोप है कि गांव को स्वच्छ बनाए रखने के लिए लगातार सेवा भाव से काम करने वाली महिलाओं को ही सफाई कार्य से रोकने के लिए रिक्शा में ताला लगा दिया गया, वहीं पंचायत भवन के मुख्य गेट पर भी ताला जड़ दिया गया।

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बताया जा रहा है कि तरीघाट की सेवा भावी महिलाओं ने स्वच्छता को लेकर लगातार अभियान चलाया और गांव की साफ-सफाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इन्हीं प्रयासों के चलते गांव को प्रदेश स्तर पर सम्मान/पहचान मिलने की बात सामने आई है। लेकिन गांधी जयंती के दिन ही सफाई व्यवस्था से जुड़े संसाधन पर ताला लगाए जाने के आरोप ने पंचायत की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

एक तरफ सेवा संकल्प, दूसरी तरफ सफाई के संसाधनों पर ताला!
सरकार द्वारा गांधी जयंती के अवसर पर सेवा, स्वच्छता और जनभागीदारी को बढ़ावा देने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। ऐसे में ग्रामीणों का सवाल है कि जब महिलाएं अपने गांव को साफ रखने के लिए आगे आ रही हैं, तो उन्हें प्रोत्साहित करने के बजाय उनके सफाई कार्य में बाधा क्यों डाली जा रही है?

पंचायत गेट पर ताला, आखिर किसे रोकने की कोशिश?
मामले का दूसरा पहलू पंचायत भवन के गेट पर लगाए गए ताले को लेकर है। ग्रामीणों के बीच यह सवाल चर्चा में है कि पंचायत भवन में ताला लगाने की आवश्यकता क्यों पड़ी और क्या इसके संबंध में कोई आधिकारिक आदेश या निर्णय लिया गया है?

उठ रहे पांच बड़े सवाल

– गांव को स्वच्छ रखने वाली महिलाओं के रिक्शे में ताला किसके निर्देश पर लगाया गया?
– क्या पंचायत ने सफाई कार्य रोकने का कोई लिखित आदेश जारी किया है?
– प्रदेश स्तर पर गांव का नाम रोशन करने वाली महिलाओं को सहयोग देने के बजाय रोका क्यों जा रहा है?
– गांधी जयंती पर स्वच्छता अभियान के बीच पंचायत की यह कार्रवाई किस संदेश को दर्शाती है?
– पंचायत भवन के मुख्य गेट पर ताला लगाने का कारण क्या है?

अब निगाहें पंचायत और संबंधित अधिकारियों के जवाब पर हैं। यदि सफाई अभियान में जुटी महिलाओं को वास्तव में पंचायत स्तर से रोका गया है, तो पूरे मामले की जांच और जिम्मेदारी तय करने की मांग उठना स्वाभाविक है। वहीं पंचायत का पक्ष सामने आने के बाद ही विवाद की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।

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