करन साहू, भिलाई 02 अगस्त : विकासखंड पाटन अंतर्गत शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय औंधी के प्रांगण बना गौठान।1981 से संचालित स्कूल का हाल है बेहाल पूर्व विधायक चेला राम चंद्राकर का है गांव आज तक नही हुआ बाउंड्रीवॉल। आपको बता दें स्कूल के इस प्रांगण में प्राथमिक शाला, पूर्व माध्यमिक शाला सहित उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की छात्र-छात्राएं पढ़ाई के साथ-साथ अन्य गतिविधियां इस स्कूल प्रांगण में करते हैं। लेकिन इस मैदान की दुर्दशा देखने लायक है। यहां बस्ती की पशु पालक की मवेशी को लाकर यहां इकट्ठा करते हैं जिससे वर्षा ऋतु में गंदगी फैल जाती है कीचड़ हो जाती है। पूर्व छत्तीसगढ़ सरकार के द्वारा नवीन गौठान का निर्माण कराया गया है लेकिन उसमें मवेशियो को ले जाकर इकट्ठा नहीं कर पा रहे हैं।जिससे प्राथमिक शाला पूर्व माध्यमिक शाला के बच्चों को आने-जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। वही उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के छात्र-छात्राओं को प्रार्थना करते समय परेशानियों को सामना करना पड़ता है। उक्त मैदान में मवेशी इकट्ठा होने के कारण बच्चों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है कई बार एक मवेशी दूसरे मवेशी के साथ लड़ते हैं तो बच्चों के साइकिल को भी क्षति पहुंचती है। स्कूल में बाउंड्रीवॉल नही होने के कारण असमाजिक तत्वों का शराब पीने का अड्डा बना हुआ है शराबी पीने के बाद बोतल तोड़कर वही छोड़ देते है । जिला प्रशासन के अधिकारी सिर्फ बैठक लेकर मुख्यालय से ही जानकारी जुटा लेते हैं धरातल पर उतरकर कोई देखने नहीं आते क्या यही मापदंड है जिले में ओडीएफ प्लस का। क्या स्कूल प्रांगण को स्वच्छ बनाया जायेगा।

संस्था के प्राचार्य ने पाटन के गोठ रिपोर्टर करन साहू से चर्चा करते हुए बताया कि विगत कई वर्षों से स्कूल के अहाता निर्माण के लिए विभाग को पत्र लिखा जा रहा है। लेकिन अभी तक कोई सार्थक पहल नहीं की गई है।वहीं गांव वाले स्कूल मैदान को गौठान के रूप में उपयोग करते हैं जिससे वर्षा ऋतु में कीचड़ हो जाता है उससे भी निजात दिलाने के लिए विभाग को अवगत कराया गया है। लेकिन अभी तक किसी भी प्रकार की समस्या का हाल नहीं किया गया है। साथ ही साप्ताहिक बाजार शुक्रवार को इसी स्कूल मैदान में लगता है जहां व्यापारी अपना सामान बेचकर खराब साग सब्जी को मैदान पर छोड़कर चले जाते हैं जिससे भी काफी बदबू आती है और गंदगी फैलती है नन्हे मुन्ने बच्चे इसी गंदगी को पार करते हुए अपने अध्यापन कार्य के लिए स्कूल आते जाते हैं फिर भी शासन प्रशासन की ओर से समस्या का हाल आज तक नहीं किया गया है।

स्कूल में अहाता निर्माण नहीं होने के कारण असामाजिक तत्व के लोग गेट के सामने शराब पीकर खाली बोतल सहित डिस्पोजल इत्यादि को छोड़कर चले जाते हैं कभी-कभी तो बोतल को वहीं तोड़ भी दिया जाता है जिसे साफ करने के बाद ही स्कूल में प्रवेश कर पाते हैं। उक्त समस्या को देखते हुए बच्चों के द्वारा स्कूल में अन्य गतिविधियों को कर पाना मुश्किल हो जाता है वही छत्तीसगढ़ शासन द्वारा एक पेड़ मां के नाम तहत कार्यक्रम के को भी हम नहीं कर पा रहे हैं ना ही बच्चों को खेलकूद के सामग्री देकर बौद्धिक विकास भी नहीं कर पा रहा है। जिला प्रशासन के द्वारा 15 अगस्त तक जिले को ओडीएफ प्लस घोषित किया जाना है ऐसे में हमारे स्कूल प्रांगण में इस तरह का गंदगी फैलाना समझ से परे हैं।




