* पाटन में गहराया जल संकट, सूखे तालाबों से ग्रामीण परेशान, हैंडपंप-बोरवेल फेल…
* सांकरा सरपंच रवि सिंगौर ने की मांग—सिंचाई विभाग जल्द छोड़े पानी, गांवों में पेयजल संकट विकराल, ज्वारा विसर्जन पर संकट, सूखे तालाबों ने बढ़ाई चिंता…

- पाटन : क्षेत्र में लगातार गिरते जलस्तर ने अब जनजीवन के साथ-साथ पारंपरिक धार्मिक गतिविधियों को भी प्रभावित करना शुरू कर दिया है। सूख चुके तालाबों के कारण ग्रामीणों को ज्वारा विसर्जन जैसे धार्मिक कार्यों में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
उत्तर पाटन के सांकरा, मोतीपुर सहित आसपास के कई गांवों में पेयजल और निस्तारी का गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है। गांवों के प्रमुख जल स्रोत तालाब पूरी तरह सूख चुके हैं, जिससे दैनिक उपयोग के पानी की उपलब्धता भी प्रभावित हो रही है। स्थिति इतनी विकट हो गई है कि ग्रामीणों को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है।
तालाबों के सूखने का असर अब भूजल स्तर पर भी साफ दिखाई दे रहा है। क्षेत्र में हैंडपंप और बोरवेल का जलस्तर लगातार नीचे गिरता जा रहा है, जिससे जल संकट और गहराता जा रहा है। कई स्थानों पर हैंडपंप जवाब देने लगे हैं।
सांकरा के सरपंच रवि सिंगौर ने इस गंभीर स्थिति पर चिंता जताते हुए सिंचाई विभाग से शीघ्र पानी छोड़े जाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि जल्द राहत नहीं मिली तो आने वाले दिनों में स्थिति और भयावह हो सकती है। पानी छोड़े जाने से जहां ग्रामीणों की दैनिक जरूरतें पूरी होंगी, वहीं धार्मिक परंपराओं के निर्वहन में भी सहूलियत मिलेगी।




