सत्य अऊ अहिंसा के पुजारी-महात्मा गांधी बबा
“महात्मा गांधी के जिंदगानी – हमर बबा के जुबानी”
लेख(राजेन्द्र मारकण्डे) । सितंबर महीना के पूरा होए के बाद,अक्टूबर महीना के पत्ता ल पंचांग में लहुटावत। महात्मा गांधी बबा के बड़का फोटू संग,अपन बबा के बताए गोठ के सुरता आगे…
गांधी बबा जब कंडेल नहर पानी सत्याग्रह में 21 दिसंबर 1920 के धमतरी आए रिहिस। वो समय के बात ल हमर बबा, हमन ल बताए रिहिस…कि जेन अंग्रेज मन के राज में सुरूज नई डूबे, ओ अंग्रेज मन के हथियार के बल ल,गांधी बबा, सत्य-अहिंसा के बल में हरा दिस,अऊ हमन ल आजाद करवा दिस।
कंडेल नहर पानी सत्याग्रह में अंग्रेज मन के तरफ ल हमर किसान भाई मन के मवेशी निलामी-कुर्की अऊ अत्याचार के खिलाफत करत… पं. सुंदरलाल शर्मा, छोटे लाल श्रीवास्तव अऊ नारायण राव मेघवाले के नेवता में, धमतरी में गांधी बबा 21 दिसंबर के आही…के सोर ल सुनके,अंग्रेज मन के हाथ – पांव सुन्न अऊ कान खड़ा होगे।
गांधी बबा के साथ देबर अऊ दर्शन करे खातिर दूर-दराज के किसान साथी मन धमतरी में जुरियागे। महात्मा गांधी बबा के प्रताप ले अंग्रेज मन किसान मन के मवेशी कुर्की -जब्ती के अपन आदेश ल वापस लेबर मजबूर होंगे।
ओ बेरा में गांधी बबा ह,जम्मो किसान अऊ जनता मन ल, देश के आजादी- अऊ बढ़िया समाज बनाए बर,अपन जिंनगी में सत्य अऊ अहिंसा ल अपनाए के, किरिया खवाए रिहिस। संगे संग गांधी बबा ह छुआ-छूत, महिला बराबरी, स्वदेशी जागरण अऊ शिक्षा बर समाज में सुधार करे खातिर संदेश दीस।अऊ ओमा खुद काम करिस।जेकर अच्छा प्रभाव हमर बबा अऊ बाकी देशवासी मन ल बड़का ईनाम के रूप में- देश के आजादी अऊ बने समाज के रूप में मिलिस।
हमर बबा बताए… कि गांधी बबा ह, देश के आजादी बर कहूं मारपीट अऊ लड़ई झगरा ल महत्ता दे रहितीस, त हमरो देश में आघू के पीढ़ी मन, आघू के बेरा में…अपन कोनो भी मांग ल पूरा करे खातिर,उही लड़ई झगरा के नकल करतीस। जेकर सती देश अऊ राज्य के जन -धन के बढ़का नुकसान, आजादी के पहिली अऊ आजादी के बाद भी होवत रहितिस। जइसे हमर अगल- बगल के कुछ पड़ोसी देश मन में आए दिन देखे-सुने ल मिलथे।
साथे साथ हमर बबा ह यहू बताए रिहिस – कि जयंती ओकर मनाए जाथे, जेकर कथनी अऊ करनी में कोनो अंतर नइ रहाय।जइसे कि हमर महात्मा गांधी बबा के महतारी ह जिंदगी भर कभू मांस-मदिरा के सेवन झन करबे के किरिया खवाए रिहिस। तेकर बात ल मानके महात्मा गांधी बबा ह अपन जिंनगी में कभो ओकर सेवन नइ करिस।
वोकरे सती आज तक जब भी 2 अक्टूबर के हमन महात्मा गांधी बबा के जयंती मनाथन, त वो दिन मांस-मदिरा के दुकान ल सरकार ह बंद कराय के काम करथे।अऊ गांधी बबा के 2 अक्टूबर के जयंती मनाथन।
ए बेरा में महात्मा गांधी बबा के एक अऊ बड़का बात के सुरता आवत हे… कि लइका मन ल अइसे शिक्छा दे जाना चाही,कि वो ह सबो धरम के सम्मान कर सकें। अऊ बात भी सही हरे, कि कोने घरम ह एक दूसरा ल नफरत करे ल तो नइ सिखाए।वो अलग बात हरे कि कुछ लोगन मन एक दूसरा आदमी ल अपन खुदके स्वारथ खातीर आपस में लड़ाए के काम करथे।जेकर से बाचे के कोशिश करना चाही।तभे हमर देश – दुनिया अच्छा बनही।
गांधी बबा के दूरदर्शीता वाले बात ल सुरता करके, मोर ध्यान 2011 में अन्ना हजारे के आंदोलन,अऊ अभी 2026 में जवनहा मनके सीजेपी आंदोलन के डाहर पड़िस… कि कइसे देश के बड़का ताकतवर आबादी ह ,अपन विचार ल गांधी बबा के रद्दा में चलके ,सत्य अऊ अहिंसा से, देश के जनता जनार्दन के आवाज ल सरकार तक पहुचाए के काम करिस।
साथ में संसार ल रद्दा देखावत हवे… कि गांधी बबा के नश्वर शरीर भले आज हमर बीच नई हे, लेकिन ओखर विचार ह, आज भी देश -दुनिया ल रद्दा देखावत हे। अऊ काहत हे…
जब तक सुरूज अऊ चंदा रही,
तब तक गांधी बबा के नाम-रद्दा रही…
सत्य अऊ अहिंसा के तै पुजारी,
देश के आजादी खातीर तै करे सियानी।
तोर रद्दा ह देश में उजियईस -आजादी,
तोर जय हो बबा महात्मा गांधी।।
लेखक – राजेन्द्र मारकण्डे (शिक्षादूत)
शासकीय प्राथमिक शाला कौही


