* आदिवासी समाज की प्रेरणादायक पहल — 10 वर्षीय बालिका ने बेटी ने निभाया पुत्र धर्म, गूंजा समानता का संदेश। पिता को मुखाग्नि देकर दिया समानता का संदेश…
* साहस की मिसाल बनी मुस्कान, मर्रा गांव में बदली सोच: मासूम बेटी ने निभाई अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी…
पाटन /सेलूद : दुर्ग जिले के पाटन क्षेत्र अंतर्गत ग्राम मर्रा में एक प्रेरणादायक एवं समाज को नई दिशा देने वाली घटना सामने आई है। ग्राम मर्रा निवासी स्वर्गीय कमलनारायण ठाकुर के पुत्र मानसिंह ठाकुर के आकस्मिक निधन के पश्चात उनकी मात्र 10 वर्षीय पुत्री मुस्कान ठाकुर ने अद्भुत साहस और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय देते हुए अपने पिता का दाह संस्कार कर वर्षों पुरानी परंपराओं को नई सोच के साथ आगे बढ़ाया।
* बेटियां नहीं हैं किसी से कम: मर्रा की बालिका ने पेश की सामाजिक बदलाव की मिसाल:
यद्यपि इस प्रकार के साहसिक कदम देश के विभिन्न हिस्सों और कई अन्य समाजों में भी समय-समय पर देखने को मिले हैं, किंतु ग्राम मर्रा की यह घटना स्थानीय स्तर पर विशेष महत्व रखती है। यह न केवल बदलती सामाजिक सोच का परिचायक है, बल्कि यह भी संदेश देती है कि बेटियां किसी भी जिम्मेदारी को निभाने में पीछे नहीं हैं।
* मर्रा गांव में बदली सोच: मासूम बेटी ने निभाई अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी:
मुस्कान ठाकुर का यह साहसिक कदम समाज में व्याप्त लैंगिक भेदभाव की धारणाओं को कमजोर करता है और समानता, संवेदनशीलता एवं कर्तव्य के मूल्यों को सशक्त करता है। यह घटना बताती है कि आज का समाज परंपराओं के साथ-साथ प्रगतिशील सोच को भी अपनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
* साहस की मिसाल बनी मुस्कान: 10 साल की बच्ची ने पिता को दी मुखाग्नि:
इस प्रेरक घटना के बाद आदिवासी समाज सहित वरिष्ठजनों ने मुस्कान के साहस की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह कदम आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सकारात्मक उदाहरण बनेगा और समाज में बेटियों के प्रति सम्मान एवं विश्वास को और मजबूत करेगा। प्रबुद्धजनों ने यह भी कहा कि इस तरह की घटनाएं “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” जैसे अभियानों को वास्तविक रूप से साकार करने में सहायक हैं।
* आदिवासी समाज की प्रेरक पहल: बेटी ने निभाया पुत्र धर्म, गूंजा समानता का संदेश:
यह घटना स्पष्ट करती है कि कर्तव्य, संस्कार और साहस का कोई लिंग नहीं होता, बल्कि यह मानवीय मूल्यों पर आधारित होता है।
उल्लेखनीय है कि स्वर्गीय मानसिंह ठाकुर, जिला कांग्रेस कमेटी दुर्ग (ग्रामीण) के महामंत्री पालेश्वर ठाकुर के चचेरे भाई थे। मुस्कान ठाकुर के इस साहसिक कार्य को नमन करते हुए सभी ने स्वर्गीय मानसिंह ठाकुर की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की तथा शोकाकुल परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।
इस दौरान शोकाकुल परिवार के खुमेंद्र ठाकुर, तुकाराम ठाकुर, माधव ठाकुर, हृदय ठाकुर, ओमप्रकाश ठाकुर, भगवती ठाकुर, देवधर ठाकुर, चूरामणि ठाकुर, पालेश्वर ठाकुर, टिकेश्वर ठाकुर, निहाल ठाकुर, आशीष ठाकुर, यश ठाकुर, राहुल नेताम सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित रहे।




