
“तीज महोत्सव में उमड़ा साहू समाज, संस्कृति के रंग में रंगा पाटन; डॉ. ममता साहू ने दिया सामाजिक बदलाव का संदेश

पाटन। तहसील साहू संघ पाटन के तत्वावधान में महिला प्रकोष्ठ के नेतृत्व में 6 सितंबर को तहसील स्तरीय तीज महोत्सव एवं तीज मिलन समारोह का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में साहू समाज की महिलाओं सहित बड़ी संख्या में सामाजिक जन शामिल हुए। आयोजन के दौरान छत्तीसगढ़ी संस्कृति, परंपरा और महिला प्रतिभाओं की विविध झलक देखने को मिली।
कार्यक्रम की शुरुआत भक्त माता कर्मा एवं नदिया बैल की विधिवत पूजा-अर्चना से हुई। समारोह में छत्तीसगढ़ महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. ममता साहू मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। पूर्व कैबिनेट मंत्री श्रीमती रामशिला साहू एवं जिला साहू संघ अध्यक्ष नंदलाल साहू विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदेश साहू संघ महिला संयोजिका श्रीमती दिव्या कलिहारी ने की।

समारोह में सुश्री शिल्पा साहू, श्रीमती कल्पना नारद साहू, श्रीमती चंद्रिका साहू, श्रीमती मंजू साहू, श्रीमती ललेश्वरी साहू तथा श्रीमती दामिनी राकेश साहू सहित समाज के अन्य पदाधिकारी एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
99 इकाइयों की सहभागिता से आयोजन बना खास
तहसील साहू संघ पाटन के अध्यक्ष लालेश्वर साहू ने स्वागत भाषण देते हुए कहा कि पांचों परिक्षेत्रों सहित 99 इकाइयों की महिला पदाधिकारियों और सामाजिक बहनों के सहयोग से तीज महोत्सव को भव्य स्वरूप मिला। उन्होंने कहा कि तीज मिलन केवल मनोरंजन का अवसर नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ी संस्कृति, परंपरा और सामाजिक एकता को मजबूत करने का माध्यम भी है।
महोत्सव के दौरान महिलाओं के लिए छत्तीसगढ़ी पारंपरिक खेल, गीत-संगीत, पारंपरिक व्यंजनों की बगिया तथा भक्त माता कर्मा की चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित की गई। विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली प्रतिभागियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
पारंपरिक वेशभूषा प्रतियोगिता में तेलीगुंडरा परिक्षेत्र की श्रीमती विभा साहू ने प्रथम स्थान हासिल कर तीज क्वीन का खिताब अपने नाम किया। बेल्हारी परिक्षेत्र की श्रीमती ज्योति साहू द्वितीय स्थान पर रहीं। इसके अलावा तीन अन्य प्रतिभागियों को भी तीज क्वीन के रूप में सम्मानित किया गया।
सामाजिक कुरीतियों से हटकर शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक मजबूती पर जोर : डॉ. ममता साहू
मुख्य अतिथि डॉ. ममता साहू ने कहा कि समाज को मजबूत और संस्कारवान बनाने के लिए प्रत्येक व्यक्ति की सहभागिता जरूरी है। उन्होंने कहा कि समाज को केवल सामाजिक रिश्तों तक सीमित न रखते हुए आधुनिक सोच के साथ आगे बढ़ने की आवश्यकता है।
उन्होंने शादी-विवाह, मृत्यु संस्कार और जन्मोत्सव जैसे आयोजनों में होने वाले अनावश्यक खर्च को कम करने की अपील की। विवाह समारोहों में उपहारों के आदान-प्रदान की परंपरा को सीमित करने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि सामाजिक आयोजनों में दिखावे और अनावश्यक खर्च के बजाय शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक मजबूती को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
डॉ. ममता साहू ने सामाजिक आदर्श विवाह को प्रोत्साहित करने तथा रूढ़िवादी परंपराओं से आगे बढ़कर समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का आह्वान किया। समारोह को पूर्व कैबिनेट मंत्री श्रीमती रामशिला साहू, प्रदेश साहू संघ महिला संयोजिका श्रीमती दिव्या कलिहारी, सह-संयोजिका सुश्री शिल्पा साहू तथा जिला पंचायत सभापति श्रीमती कल्पना नारद साहू ने भी संबोधित किया।
इस अवसर पर संरक्षक अश्वनी साहू, कार्यकारणी अध्यक्ष दिनेश साहू, उपाध्यक्ष डूलेश्वर साहू श्रीमती विमला साहू संगठन सचिव सूरेन्द्र साहू,श्रीमती भूनेश्वरी साहू, महासचिव महेंद्र साहू, कोषाध्यक्ष गुमान साहू, महिला संयोजिका श्रीमती कोमिन साहू,अशोक साहू, रामनारायण साहू, श्रीमती गायत्री साहू ,पारखत साहू, किशन हिरवानी, छत्रपाल साहू ,रवि शंकर साहू, छगन साहू ,सुखदेव साहू ,गंगा दीन साहू ,नारद साहू,डोमन साहू ,कामता साहू, सरजू राम साहू ,गरीबदास, डीजेन्द्र साहू ,पूरन लाल, कल्याण साहू ,योगेश साहू ,दीलीप साहू, श्रीमती सुमन साहू, अमृत साहू ,शैलेन्द्र साहू, जागेत्री साहू,लता साहू ,द्रोपती साहू, देव कुमार साहू, जोगीराम साहू, रामनाथ साहू, बीरेन्द्र साहू ,राजू साहू, भुवन साहू, बंटी साहू, तोरन, मीडिया प्रभारी करन साहू सहित साहू समाज के विभिन्न पदाधिकारी, महिला पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में सामाजिक जन उपस्थित रहे।
इस दौरान संजू साहू के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ी सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी गई। कार्यक्रम का संचालन श्रीमती खेमलता साहू ने किया। महिलाओं की उत्साहपूर्ण सहभागिता, पारंपरिक वेशभूषा और छत्तीसगढ़ी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने पूरे आयोजन को यादगार बना दिया।




