अब वो हाथ कहां – राजेन्द्र मारकण्डे (शिक्षादूत)

अब वो हाथ कहां उंगली पकड़कर चलना सिखाएं, निंद में भी खाना खिलाएं। अब वो हाथ कहां। कलम पकड़ कर लिखना सिखाएं, खिलौने में चाबी भर जाएं। अब वो हाथ कहां। दर्द में मलहम लगाएं, खाली जेब में पैसा दे जाएं, अब वो हाथ कहां। त्यौहार में पकवान बनाएं, सफलता पर शाबाशी दे जाएं। अब … Continue reading अब वो हाथ कहां – राजेन्द्र मारकण्डे (शिक्षादूत)